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चमेली रानी की चुदाई!

चमेली रानी की चुदाई भाग-1

ये घटना उस समय की है जब चिंटू सिर्फ़ 16-17 साल का था. चिंटू की एक छोटी बहन थी रानी. माँ का नाम था चमेली और वो औरत चमेली फूल की तरह महकती रहती थी. उस समय वो करीब 33-34 साल की थी. एक दम जवान और मस्त. गठा हुआ बदन, भारी पूरी भंहे, थोड़ा सावला रंग लेकिन गजब की चमक थी चेहरे पर. मस्त हथिनी की तरह कूल्हे हिला हिला कर चलती थी तो देखनेवालो की साँस रुक जाती थी. मोहल्ले मे अपनी खूबसूरती और हाजिर जवाबी के लिए बहुत पसंद की जाती थी. बड़े बड़े मम्मे थे उसके. शायद 38” या उससे भी बड़े. लंबे बाल और मुस्कुराता चेहरा लेकर हरदम बहकती रहती थी लेकिन उसने कभी किसिको दाना नही डाला. उसे क्या पता था की वो बहुत जल्द रंडी बनने बाली है. शादी के 18 साल बीत गये और उसका घरवाला अब उसमे ज़्यादा रुची नही रखता था. सच तो यह था की वो चमेली की प्यास नही बुझा पाता था. चुदाई तो रोज करता था लेकिन थोड़े धक्को के बाद मे पानी गिरा कर सो जाता था और चमेली रात भर बुर को सहलाती रहती थी. उसे मालूम था की एक इशारा करने पर गाव के सारे मर्द उसे छोदने आ जाएँगे लेकिन अभी इतनी बेशरम नही हुई थी. वो पति को खूब खिलाती पिलाती थी लेकिन कोई फायदा नही. वो चमेली की गर्मी नही उतार पाता था.

उनका साधारण परिवार था. घरवाला एक मालिक के यहा मुनीम था काफ़ी सालो से. मालिक उसे तनख़्वाह के अलावा समय समय पर कपड़े लत्ते और चमेली के लिए गहने भी देता था. मालिक ने कई बार इशारो इशारो मे चमेली की जवानी की बात की और हमेशा उसकी तारीफ़ करता रहता था. आँचल त्योहार के अवसर पर चमेली बच्चो के साथ मालिक के घर जाती रहती थी. मालिक उसे घूरता रहता था, इशारा भी करता था लेकिन कभी उसने खुलकर चमेली से चुदवाने की बात नही की. मालिकानी को मालूम था की उसका मालिक चमेली को चोदना चाहता है और उसने चमेली को जतला दिया था की मालिक को अपनी जवानी दिखाने की ज़रूरत नही है. वैसे भी चमेली को मालिक बिल्कुल पसंद नही था. वो सोच भी नही सकती थी की इतना मोटा आदमी मालिकानी की बुर मे लंड कैसे पेल पाता होगा.
इधर चमेली का बेटा चिंटू जवान हो गया था. उसका लंड उसे तंग करने लगा था. वो अपनी बहनरानी के साथ एक ही कमरे मे अलग अलग बिस्तर पर सोता था. पिछले दो सालो से मूठ भी मार रहा था. लेकिन उसका मन अभी तक अपनी माँ के या बेहन के उपर नही आया था. वो हमेशा मालिक की बेटी जो उससे 2-3 साल बड़ी थी, के बारे मे सोच सोच कर मूठ मारता था. उसे मालूम था की उसकी माँ के बारे मे लोग गंदी बाते करते है लेकिन किसीने भी चिंटू के सामने अबतक चमेली को चोदने की बात नही की थी. लेकिन उसने एक दिन अपने ख़ास दोस्त प्रमोद को चमेली के बारे मे कहते सुना.
“ अरे यार, चिंटू की माँ क्या जबरदस्त माल है. साली को देखते ही मेरा लंड खड़ा होने लगता है. मन करता है की रोड पर ही पटक कर चोद दू. कभी उसकी बड़ी बड़ी गोल गोल चूचियों देखी है! चूसने मे क्या मज़ा आएगा. साली की जाँघो पर हाथ फ़ेरने मे जो मज़ा आएगा उतना मज़ा मख्खन छूने मे भी नही आएगा. एक बार चोदने के लिए मै उसका गुलाम बनने को तैयार हूँ. मै तो रोज चमेली के बुर के बारे मे सोच कर लंड हिलाता रहता हूँ. मादरचोद, चिंटू साला बहुत किस्मतवाला है. रोज उसकी चूचियों और चूत देखता होगा. मै उसका बेटा होता तो कबका उसे चोद देता…… मै उस को एक चुदाई का दस हज़ार दूँगा…”
प्रमोद बोलता रहा और चिंटू वहा से हट गया.
इतना सुनकर चिंटू को बहुत गुस्सा आया लेकिन वो गुस्सा पीकर रह गया. प्रमोद उससे उम्र मे बड़ा था और वहा चार पाँच लड़के खूब मस्ती मे प्रमोद की बातो का मज़ा ले रहे थे.
चिंटू चार बजे घर वापस आया. दरवाजा उसकी माँ, चमेली ने खोला. चिंटू भाग कर चमेली के पास आया और उसका हाथ पकड़ कर पूछा..
“माँ, तुम बहुत सुंदर हो क्या ?”
“क्यो , क्या हुआ ?” कहते हुए चमेली चौकी पर बैठ गयी और चिंटू को खींच कर गोद मे बिठा लिया.
चिंटू को बहुत अच्छा लगा . चिंटू माँ की तरफ घूम कर बैठ गया. चमेली ने चिंटू के गालो को सहलाते हुए फीर पूछा “क्या हुआ?”

चिंटू ने स्कूल मे प्रमोद ने जो कहा था वैसे का वैसे अपनी माँ को सुनाने लगा. चमेली ने चिंटू को और करीब खींच लिया .

चमेली ने चिंटू के एक हाथ को अपने हाथ मे लेकर सहलाया और धीरे धीरे उठाकर अपनी एक चुची पर रख दी.

चिंटू सब कुछ बताता रहा और धीरे धीरे अपनी माँ की चुची मसलने लगा.

इतना मज़ा उसे पहले कभी किसी काम मे नही आया . उसने अपना दूसरा हाथ माँ की दूसरी चूचियों पर रखा और दोनो चुचीयो को मसलने लगा.

चमेली ने बेटे को माना नही किया और खुद भी मज़ा लेने लगी.

“तुमको मन नही करता है वो करने को जो प्रमोद करना चाहता है मेरे साथ.”

“नही माँ, मैने तुम्हे चोदने का कभी नही सोचा है.” चिंटू अब ज़ोर ज़ोर से चुची मसल रहा था.

“मेरा मन कभी कभी सीमा, मालिक की बेटी को नंगा देखने को करता है.”

“सीमा बड़ी है और जल्दी उसकी शादी होने वाली है. तुमकोरानी जैसी लड़की चाहीए.’

चमेली ने अपना हाथ चिंटू के हाथ पर रखकर चुची को ज़ोर से दबाया.

“ देखो बेटा, प्रमोद या कोई और भी मेरे और तुम्हारी बहन के बारे मे कुछ भी बोलता है तो बोलने दो, तुम उनसे झगड़ा मत करना.

लेकिन तुम कभी किसी से माँ और बेहन के बादे मे कुछ भी बात मत करना .”

उसने बेटे को फिर चूमा और कहा, “ दबाने मे मज़ा आ रहा है ना, जब मन करे तो मुझे बोलना. खूब दबाने दूँगी लेकिन किसी को बताना मत,रानी को भी नही.’

दबाते दबाते चिंटू ने कहा, “ मेरा मन कर रहा है चूचियों को मसलता ही राहु, देखने नही दोगी…”

“अभी ब्लाउज के उपर से मज़ा लो, बाद मे खोलकर मज़ा दूँगी.” चमेली ने चिंटू के गालो को मसलते हुए कहा ‘ कभी किसी औरत या लड़की को नंगी देखा है ?”

“नही माँ”, फिर चिंटू ने माँ के जाँघो के बीच हाथ रख कर कहा “अपना बुर दिखाओ ना माँ.’ वो बुर को एक बार दबाकर फिर चूचियों रगडने लगा.

“अभी छोटे हो, थोड़े और बड़े हो जाओ फिर तुम भी जवानी का मज़ा ले पाओगे.’ चमेली ने अपने दोनो हाथो को बेटे के हाथ के उपर रख दिया और खुद ज़ोर ज़ोर से अपनी चूचियों दबाने लगी.

“तुम्हारी बहनरानी भी जवान हो रही है. उसकी चूचियों भी गोल गोल हो गयी है”.

“हा माँ, मै ने भी देखा है. उनको भी दबाऊ ?”

“मुझे क्या मालूम, वो दबाने देगी तो दबा दबा कर मज़ा ले लेना लेकिन उसे मत बताना की तुमने मेरी चूचियों दबाई है और मैने तुमसे कहा है उसकी चूचियों दबाने को..

लेकिन अभी उसे चोदना मत. तुम छोटे हो उसे खुश नही कर पाओगे.”

अब चिंटू और ज़ोर ज़ोर से चूचियों को मसल रहा था और उसका झड़ गया. वो ठंडा हो गया.

माँ की गोद से उतरा तो माँ ने देखा की उसके पैंट के सामने गीला हो गया है.

चिंटू नज़रे झुकाकर खड़ा था. चमेली ने गीले हिस्से को छूने के बहाने पैंट के उपर से लंड को सहलाया. लंड ढीला हो गया था. उसने कहा,

“ अरे कोई बात नही.. इतनी देर तक कोई भी चूचियों दबाएगा तो उसका पानी गिरेगा ही. तुम जाकर कपड़े बदल लो.”

चमेली जाने लगी तो चिंटू बोला “ माँ तुम सचमुच बहुत सुंदर और मस्त माल हो. प्रमोद से चुदवाओगी?”

“बेटे, तुमने तो माँ की सुंदरता अभी देखी कहा.. और अपने दोस्त को बोलना की मेरे बारे मे सोचना छोडकर अपनी माँ को चोदे.”

ये पहला मौका था की माँ बेटे ने चुदाई की बात की. रात को चिंटू ने अपनी बहनरानी को गौर से देखा.

उसे दिखाई दिया कीरानी की चूचियों बड़ी हो गयी है. चमेली के गोलाई से काफ़ी कम.रानी ने फ्रॉक पहन रखा था जो घुटनो के उपर तक ही था.

चिंटू अपनी बहन की जवानी को निहार रहा था लेकिन उसका ध्यान चमेली पर ही था.रानी लंबी हो गयी थी. उसके चुत्तर मे उभर आ गया था.

बाल लंबे लंबे कमर से नीचे आ गये थे.रानी की आँखे भी माँ की तरह नशिली थी .रानी माँ की तरह ही सांवली थी और चिंटू को लगा की

कुछ सालो के बाद लोग चमेली के तरह हीरानी को चोदने के लिए पागल हो जाएँगे.

ममता को देखते देखते अचानक चिंटू बोल उठा, “ममता आज हम दोनो साथ सोएंगे.”

चिंटू से अचानक यह सुनकररानी चोंक गयी. उसे अंदाज़ा नही था की उसका बड़ा भाई उसके साथ मस्ती करना चाहता है.

ममता भी जवान हो रही थी. उसकी चूचियों भी तन जाती थी. कभी कभी तो उसके चूत मे बहुत खुजली होने लगती थी.

उसका मन करता था की कोई मर्द उसे बाहों मे लेकर खूब ज़ोर ज़ोर से दबाए. लेकिन अभी तक किसीने उसके चूचियों को टच नही किया था.

ममता यह सब सोच ही रही थी की चिंटू ने फिर पुकारा.रानी अपने भाई के बेड पर आ गयी.

“क्या बात है भैया, आज मेरी ज़रूरत क्यों हो गयी.”

“बस मन कर रहा है तुम्हारे साथ सोने को. कितने सालो से हम लोग साथ नही सोए है.”

चिंटू नेरानी का हाथ पकड़ कर अपनी ऊपर खींच लिया.रानी उसके बाहो पर माथा टीका कर लेट गयी.

दोनो एक दूसरे की ऊपर घूमकर बाते करने लगे. चिंटूरानी की पीठ को सहलाने लगा.

ममता चिंटू से सट गयी. उसने अपना हाथ भाई के कमर पर रख दिया. चिंटू ने हाफ पैंट पहना था औररानी ने फ्रॉक.

ममता ने धीरे धीरे अपना हाथ भाई के गंजी के अंदर डाल दिया. अब वो अपने भाई के नाभि को सहला रही थी.

चिंटू ने पीठ सहलाते सहलाते कहा, “तुम तो जवान हो गयी हो… माँ से भी ज़्यादा सुंदर…”

“नही भैया, माँ बहुत ही सुंदर है. छोटे बड़े सभी उसपर लाइन मारते है.”

“तुम्हारी भी शादी हो जाएगी फिर तुम्हारा घरवाला भी तुम्हे खूब प्यार करेगा और तुम भी माँ की तरह मस्त हो जाओगी.”

“हट मै शादी नही करूँगी.”रानी ने शर्मा कर कहा और अपनी एक टाँग भाई के टाँग पर चढ़ा दी.

“भैया अब सो जाओ, लाइट बंद कर दो..”

चिंटू ने हाथ बढ़ा कर लाइट बंद कर दिया और कमरे मे बिल्कुल अंधेरा छा गया.

दोनो की साँसे सुनाई पड रही थी. चिंटू को हिम्मत नही हो रही थी की बगल मे सट कर सोई बहन की चूचियों को दबाए या उसकी चूत मे उँगुली करे.

उधररानी चाह रही थी की भाई उसे नंगा करके उसको सहलाए और प्यार करे.रानी अभी चुदवाना नही चाहती थी लेकिन बाकी मज़ा लेना च्चहती थी.

तभी चिंटू ने कहा, “तेरा कोई यार है?”

ममता यार का मतलब समझती थी. “नही, लेकिन क्यो पूछ रहे हो?”

“क्योकि तुम्हारी गोलाई (चूचियों) बहुत बड़ी हो गयी और मैने पढ़ा है की लड़को के हाथ लगाने से ही चूचियों बढ़ती है.”

यह सुनकररानी का पूरा बदन सिहर उठा और भाई से बिल्कुल चिपक गयी.

“हट… तुम ग़लत बोल रहे हो. लड़की जब जवान होती है तो उसकी चूचियों अपने आप ही बढ़ने लगती है. मेरी चूचियों तो अभी और बढ़ेगी. किसीके छूने

से हो सकता है की जल्दी बढ़ जाए.”रानी ने मन ही मन कहा की तुम क्यो नही दबा रहे हो और फिर बिल्कुल चित लेट गयी.रानी अचानक चित हुई थी और चिंटू का हाथ सीधा

ममता की एक चूचियों पर रह गया. चिंटू को बहुत अच्छा लगा और उसने हौले से चूचियों को दबा दिया. भाई का हाथ चूचियों पर पाकररानी खुश हो गयी.

“भाई, तुमने कभी किसी की चूचियों दबाई है ?

“नही” बोलकर चिंटू बहन की चूचियों को हौले हौले मसलने लगा. कभी एक चूचियों को तो कभी दूसरी चूचियों को. चिंटू ने महसूस किया कीरानी की चूचियों

पानी से भरे बलून की तरह टाइट है जब की चमेली की चूचियों स्पंजी और गुदाज़ है.

“बहन , तुमने कभी नंगे आदमी को देखा है?”

“नही, भैया”रानी ने धीरे से कहा .

“कभी मन नही करता है.?”

“जब सुधा अपनी नौकरानी और अपने पापा की बात सुनाती है तो मेरा भी मन करता है की कोई मुझे भी बाहों मे लेकर खूब मसले और चूमे. मेरे अंग अंग को दबाए और तब तक दबाता रहे की मै थक ना जाऊ.”

ममता का इतना कहना चिंटू के लिए खुला निमंत्रण था. चिंटू झट से उठकर बैठा और दोनो हाथो से बहन को उठा कर बैठा लिया.

ममता को ज़्यादा मालूम था. वो अपनी दोनो टांगे भाई के उगल बगल रख कर उससे बिल्कुल सट गयी.

ममता अपनी भाई के लंड पर बैठी थी. चिंटू दोनो हाथो मे लपेट कररानी को चूमने लगा.रानी ने भी पूरा साथ दिया.

उसकी चूचियों भाई के छाती से बिलकुट सटी हुई थी और नीचे कमर भी उचका रही थी.

चूमते चूमते चिंटू बहन को खूब ज़ोर से दबा भी रहा था जैसे की एक लड़की को नही किसी प्लास्टिक की गुड़िया को मसल रहा हो.

“और ज़ोर से दबाऊ ? ” उसने बहन से पूछा.

“मुझे तोड़ डालो , मेरी चूचियों को मसल मसल कर चटनी बना दो. जहां मन करता है वहां मसलो खूब दबाओ, बहुत अच्छा लग रहा है.”

चिंटू चूचियों को मसलता था तो कभी दोनो हाथो मे भर कर पूरी ताक़त से उसे जकड कर बहन की जवानी का मज़ा ले रहा था.

“कपड़े उतार कर मसलने मे और भी मज़ा आएगा.”

“जो मन करता है करो, बस चोदना मत.”

चमेली रानी की चुदाई

चिंटू ने फटाफट अपने कपड़े उतरे फिर बहन का फ्रॉक ओर पनटी उतार दिया और फिर पहले की तरह दोनो चिपक कर चुम्मा छाती करने लगे.

चिंटू का तना हुआ लंडरानी के चूत पर दस्तक दे रहा था.रानी एक हाथ से लंड को पकड़ कर चूत पर रगड़ने लगी.

चिंटू का ध्यान बहन की चूचियों से खेलने मे था. अब उसने चूचियों को चूसना सुरू किया और उसके चिकने बदन को मसलता रहा.

ममता बहुत गर्म हो गयी थी और ज़ोर ज़ोर से लंड से अपने चूत को रग़ड रही थी. अचानक वो भाई से बिल्कुल चिपक गयी और सिसकारी मारते हुए कहा.

“मै…गयी…भैया” और ज़ोर से चूत का लंड पर धक्का मारा. चिंटू के लंड का सूपड़ा बहन के चूत के अंदर चला गया.

लेकिन तुरंत हीरानी को होश आया और उसने लंड को चूत से बाहर निकाल दिया.

“ओह बहन, लंड बाहर क्यो निकाला अंदर जाने देती.”

ममता पैर फैला कर लेट गयी और कहा “आज बहुत मज़ा आया. पहली बार जवानी का मज़ा लिया है.

जितने दिन चूत को संभाल सकती हूँ संभालने दो फिर तो तुम्ही को अपनी बहन की सील तोड़नी है.

वादा करती हू पहली बार तुम्हारे लंड को ही चूत के अंदर लुंगी.”

ममता लंड को सहलाने लगी और कहा “साला कितनी जल्दी अंदर घुस रहा था, लगता है भूखा है. मै जल्द ही इसके लिए एक मस्त माल लाउंगी .”

चिंटू भी बगल मे बहन के उपर झुक कर लेट गया. उसने बहन की चूत को सहलाया.

इतनी देर मे पहली बार उसने चूत को छुआ था. चिंटूने चूत को सहलाते हुए कहा,

“सुधा कौन है? तुम उसके बादे मे क्या कह रही थी”.

ममता ने लंड को दबाते हुए कहा “सुधा मेरी क्लास मेट है और मेरी अच्छी दोस्त. उसका बाप अपनी नौकरानी को रोज चोदता है और सुधा सब कुछ देखती है.

सुधा की माँ भी सुबह काम पर चली जाती है. सुधा चुदाई की पूरी कहानी मुझे बताती है.

उसकी नौकरानी रेणु हमारे ही आगे की है लेकिन पिछले एक साल से चुदवा रही है.

जब पहली बार रेणु चुदवा रही थी तो सुधा ने देखा था और बाद मे बताया की रेणु के बुर से बहोत खून निकला था.”

ममता ने भाई के लंड को अपनी जांघो से रगड़ा और कहा “चूत मे उँगुली डाल कर मज़ा लो..’

चिंटू ने चूत मे उँगुली पेल दी और पूछा “ सुधा के बाप को नही मालूम की उसकी बेटी सब कुछ देखती है?”

“ अरे भैया, उसका बाप तो जान बुझकर सुधा को दिखा दिखा कर रेणु की चुदाई करता है.’

“ तब तो उसने अपनी बेटी को भी चोद डाला होगा.’

“हो सकता है, लेकिन सुधा कहती है अभी तक उसके बाप ने उसे चोदा नही है ना ही कभी चोदने की बात की है.

लेकिन सुधा डरती है की जल्द ही उसका बाप उसे चोदेगा.’

अब चिंटू चूत मे दो उंगली डाल कर मज़ा ले रहा था. “बहन तुम्हारी चूत लंड लेने के लिए तैयार है.”

“भैया बस तोड़ा इंतज़ार करो. धीरे धीरे प्यार से मज़ा दूँगी, घर का माल है, जल्दी क्या है ?”

उसने भाई को चूमा और कहा अब मुझे पकड़ कर सो जाओ.रानी चिंटू की ओर पीठ करके सोने की कोशिश करने लगी.

चिंटूने अपनी टाँग बहन के कमर पर रखी और एक चूचियों को जकड़ कर सोने की कोशिश करने लगा.

ममता ने चुत्तर को आगे पिछे किया और लंड उसकी गांड मे फँस गया.

बीच रात मे चिंटू ने लाइट जला दी और आँख फाड़ कर अपनी बहन की नंगी जवानी का दीदार करने लगा.

ममता शांत होकर सो रही थी. उसकी गठी हुई चूचियों हौले हौले उपर नीचे हो रही थी. चूत के उपर हल्के हल्के घुँगराले बाल थे, लेकिन चूत साफ दिख रही थी.

उसने हल्के से चूत की फाँक को फैलाया तो उसे गुलाबी माल दिखाई दिया. थोड़ी देर तक देखने के बाद उसने चूत को चूमा और लाइट ऑन रखकर सोने लगा और कब सो गया मालूम नही.

सुबह दरवाजे पर मा की आवाज़ सुनकर दोनो की नींद खुली. फटाफट दोनो ने कपड़े पहने.रानी भाई को चूमकर बाहर निकल गयी

और चिंटू आँख बंद कर लेटा रहा. माँ अंदर आई और उसने भी चिंटू को चूमा और बाहर आने को कहा.

चिंटू बहुत खुश था. ना प्रमोद चमेली के बारे मे गंदी बात करता, ना ही चिंटू माँ की मस्त चूचियों दबा पाता, ना ही अपनी प्यारी बहन की नंगी जवानी से खेल पता.

उसने सोचा की प्रमोद को थॅंक्स कहे और उससे चुदाई के बादे मे जाने. चिंटू यही सोचता जा रहा था की उसकी बगल मे एक कार आकर रुकी और किसी लड़की ने उसे पुकारा.

उसे यकीन नही हुआ. मालिक की बेटी सीमा उसे बुला रही थी. चिंटू के नज़दीक पहुँचते ही सीमा ने दरवाजा खोलकर उसे अपनी बगल मे बैठा लिया.

सीमा के बगल मे मालिक जी बैठे थे. चिंटू ने उन्हे विश किया. कार चल दी. सीमा उससे बात करने लगी और चिंटू को पता नही चला कब उसने अपना एक हाथ सीमा के जांघो पर रख दिया था.

कार चल रही थी , बात चल रही थी और चिंटू का हाथ सीमा के जांघो पर उपर बढ़ रहा था. चिंटू को तब होश आया जब उसके हाथ को गर्म महसूस हुआ.

चिंटू की आँख सीमा से टकराई तो उसने देखा की सीमा मुस्कुरा रही है और चिंटू के हाथ को आँचल से धक रखा है. कल की घटना के बाद चिंटू की हिम्मत बहुत बढ़ गयी थी.

वो सीमा की जांघो को सहलाने लगा और सहलाते सहलाते दोनो जाँघो के बीच ठीक सीमा के चूत के उपर हाथ रखकर दबाया.

सीमा ने आँख बंद कर ली और होठों को काटा. चिंटू को लगा की सीमा को मज़ा आ रहा है तो वह कपड़े के उपर से ही चूत को ज़ोर ज़ोर से रगड़ने लगा.

दोनो मज़ा ले ही रहे थे की कार रुकी . चिंटू का स्कूल आ गया था. मन मार कर चिंटू उतरा तो सीमा ने उसकी तरफ नही देखा , शायद शरम से.

लेकिन मालिक जी कार से उतर गये. उन्होने चिंटू को किनारे बुलाया और उसका हाथ अपने हाथ मे लेकर कहा,

“बेटा, अब तुम मेरी मदद कर सकते हो..”

“क्या मदद , मालिक जी.”

“मै चमेली को चोदना चाहता हूँ, अगर जल्दी नही चोद पाया तो मै पागल हो जाऊंगा.”

“माँ तो आपके घर जाती है, उससे बोलते क्यो नही. मै क्या करू?”

“बेटा कुछ भी करो, जितना बोलेगी दूँगा.. 10,20,30,50 हज़ार दूँगा, ज्वेलरी दूँगा . बस तुम कुछ करो और हम दोनो की मुलाकात करा दो.’

इतना कहकर मालिक जी ने चिंटू का हाथ छोड़ा और कार मे बैठ गये.

कार स्टार्ट होने पर सीमा चिंटू की तरफ देखकर मुस्कुराई. चिंटू स्कूल की तरफ बढ़ा तो उसने देखा की मालिक जी ने उसकी हाथ मे 100 के दस नोट रख दिए थे.

“माँ को चुदवाने की पेशगी.’

उसने रुपये पॉकेट मे रख लिए. उसके हाथ मे पहली बार इतना रुपया आया था.

स्कूल मे चिंटू खुलकर प्रमोद के साथ अपनी माँ के बारे मे बात करने लगा. उसके पूछने पर प्रमोद ने बताया की चुदाई कैसे की जाती है.

पहले औरत को नंगा करके उसके अंग –अंग को खूब चूमना चाहिए और मसलना चाहिए और जब औरत खुद गरम होकर चोदने को बोले तब

बुर मे लंड पेल कर खूब दबा दबा कर चुदाई करनी चाहिए. उसने कहा की कुछ भी हो चमेली को जल्द ही अपना लंड का स्वाद चखाएगा

और पलट कर उसकी मस्त उठी उठी गांड मारेगा और शहर ले ज़ाकर अपने दोस्तो से भी चुदवाएगा.

उसने चिंटू से कहा की एक चुदाई का दस हज़ार देगा.

चिंटू हसने लगा और बोला, “अरे उसने मालिकजी का 30 हज़ार लौटा दिया और तुम दस हज़ार मे चोदोगे ? मुझे लगता है की 50 हज़ार मे शायद मान जाए.”

प्रमोद ने यह भी बताया की पिछले एक साल से अपनी माँ और शादीशुदा बड़ी बहन को चोद रहा है. उसके अलावा जब कोलकता जाता है तो रंडी को चोद कर आता है.

चिंटू ने उदास होकर कहा की उसने अभी तक कोई नंगी औरत भी नही देखी है और चमेली तो हाथ भी छुने नही देती है.

“अरे जब सोती है तो धीरे धीरे उसके बदन को नंगा करो और अपना कड़क लंड दिखाओ.

उससे खूब गंदी गंदी बाते करो, साली खुद ही तेरा लंड अपनी रसीली बुर मे लेगी.”

प्रमोद ने चिंटू को थपथपाया और कहा जल्दी ही मै तुम्हे एक साथ दो दो बुर के दर्शन कराउंगा लेकिन तुम चमेली को चुदवाने के लिए तैयार करो.’

घर वापस आते हुए चिंटू ने कल से लेकर आज तक की बात सोची . उसे सबसे ज़्यादा मज़ा सीमा की बुर को कपड़े के उपर से दबाने मे आया था.

लेकिन चिंटू सबसे पहले आपनी माँ को ही चोदना चाहता था.रानी को तो जब चाहे तब चोद सकता है.

उसने अपने भगवान से प्रार्थना की कि सीमा के चूत का दर्शन करवा दे. भगवान ने उसकी सुन ली.

घर वापस आया तो देखा कीरानी भी आ चुकी है. चिंटू ने कपड़े बदले और तब उसकी माँ सामने आई.

उसने सिर्फ़ पेटिकोट और उपर ब्लाउज पहन रखा था. ब्लाउज के उपर से आधी चूचियों दिख रही थी.

“बेटे, जल्दी से नाश्ता करके कपड़े बदल लो. मुझे मालिकानी ने बुलाया है. नाश्ता ख़तम होने के बादरानी बाथरूम गयी और चिंटू ने पिछे से माँ को जकड़ लिया.

दोनो हाथो से माँ की चूचियों को दबाने लगा.

“अभी छोडो, बेटी घर मे है. वापस आकर मौका मिलेगा तो मज़ा दुंगी.”

चमेली ने बेटी को कुछ समझाया और फिर साडी पहनकर चिंटू के साथ बाहर निकल गयी. सायकल रिक्शा मे बैठ कर दोनो मालिक के यहा जाने लगे.

चिंटू माँ से सटकर बैठा था और रास्ते मे जान पहचान के लोगो को विश भी करता जा रहा था. चमेली आराम से छाती तान कर बैठी थी.

चिंटू ने मालिक और प्रमोद की सारी बात माँ को बतलाई. चिंटू को लगा की 50 हज़ार का बात सुनकर माँ को अच्छा लगा.

चमेली ने फुस फुसाकर कहा “आज तक मै मालिक के साथ अकेली नही मिली हूँ. मालिकानी या तेरा बाप हमेशा साथ रहता है.”

चमेली ने बेटे का हाथ पकड़ कर अपनी जांघो पर रखा और कहा “ मौका मिलेगा तो शायद मै उससे चुदवा लूँगी.’

चिंटू ने हाथ बढ़ा कर माँ के जांघो के बीच हाथ रखकर बुर को दबाया. और मालिक का घर आने तक दबाता रहा.

दोनो घर के अंदर गये. मालिकानी अपनी बेटी सीमा के साथ दिवान पर बैठी थी. चिंटू को देखते ही सीमा अंदर चली गयी.

चिंटू को सुबह वाली घटना याद आई और उसका मन किया की सीमा को प्यार करे. चमेली और मालिकानी कुछ बाते कर रहे थे.

“मालिकानी जी , मै सीमा के कमरे मे जाऊ.” चिंटू ने पूछा.

“हा, जाओ”

चिंटू तुरंत अंदर गया. वहां सीमा सोफा पर बैठी थी. चिंटू को देखते ही उसने दोनो हाथो से अपनी आंखे बंद कर ली.

सीमा ने फ्रॉक पहन रखी थी जो उसके आधे जांघो तक ही थी. चिंटू उसके सामने ज़मीन पर बैठ गया ओर बिना झीझक के सीमा के दोनो घुटनो पर हाथ रख दिया.

सीमा ने अपने दोनो हाथो को आंखे से हटाकर जांघो के बीच रख लिया.

“तुम बहुत गंदे हो, कार मे क्या कर रहे थे.”

“और तुम बहुत सुंदर हो.” चिंटू धीरे धीरे सीमा की नंगी जांघो को सहलाने लगा.

“क्या कर रहे हो, हाथ हटाओ…” सीमा ने फ्रॉक को बुर के उपर और ज़ोर से दबाया.

चिंटू का हाथ धीरे धीरे जांघो पर उपर बढ़ा.

“सीमा तुम्हारी शादी होने वाली है. तेरा घरवाला बहुत किस्मत वाला होगो जो तुम्हारी मस्त जवानी का मज़ा लेगा.”

“चिंटू हाथ हटाओ” लेकिन चिंटू ने फ्रॉक को पूरा उपर तक हटा दिया. अब कमर के नीचे सिर्फ़ चूत का भाग फ्रॉक से ढका था और सीमा ने उसे हाथो से दबा रखा था.

“चिंटू प्लीज़ छोड़ दो. कोई आ जाएगा”

“ श.. कितनी चिकनी है.. बिल्कुल बटर जैसी. मन करता है की चाट जाऊ.”

इतना कहकर चिंटू ने सीमा के पैर को फैलाया और अंदरकी जांघो को चाटने लगा.

सीमा सिहर गयी. उसको भी मज़ा आ रहा था. उसका मन किया की हाथ हटा कर चिंटू को अपनी चूत चटवाए लेकिन उससे लाज आ रही थी.

पहला मौका था की कोई उसकी जांघो को चूस रहा था. उसे लगा की चिंटू थोड़ी देर और उसे चुसेगा तो अपने को नही रोक पाएगी.

इधर चिंटू की जुबान जांघो के अंदर की हिस्सो को चूम रही थी.

उसकी जुबान ने सीमा के हाथ के नीचे से चूत को छुना चाहा लेकिन सीमा दोनो हाथो से चूत के उपर कपड़े को दबा कर बैठी थी.

चिंटू का हाथ सीमा के कमर से उपर बढने लगा और उसने दोनो चूचियोंओं को दबोच लिया और कस कर दबाया.

सीमा की चूचियों भी बहनरानी के चूचियों जैसी टाइट थी लेकिन उससे बड़ी बड़ी थी. अब सीमा को लगा की अगर उसने चिंटू को नही रोका तो खुद

ही नंगी होकर चिंटू से चुदवाएगी.

पर उसने मन ही मन निश्चय किया की कुछ भी हो शादी के पहले चूत मे लंड नही लेगी. 15 दिन के बाद ही शादी थी.

चिंटू खूब प्यार से जांघो को चाट रहा था और चूचियोंओं को मसल रहा था. सीमा चूचियों पर से चिंटू का हाथ हटाना चाहती थी लेकिन उसे मालूम था की

अगर उसने अपना हाथ हटाया तो चिंटू चूत को चाटने लगेगा फिर सीमा चुदाई नही रोक पाएगी.

“आह.. चिंटू बस… बहुत हो गया. अभी तुम जाओ कल तीन बजे आना जो देखना चाहते हो सूब दिखाउंगी.”

उसने चिंटू को ढकेल दिया और खुद खड़ी हो गयी. चिंटू चुप चाप खडा हो गया.

“सीमा एक बार चूत को सहलाने दो.”

सीमा ने उसका हाथ पकड़ कर कहा,

“तुम शैतान हो गये हो. तुम्हारी माँ से कहना पडेगा.”

दोनो बाहर आ गये. उसे दुख था की वो सीमा की चूत नही देख पाया. लेकिन साथ ख़ुशी थी की कल सीमा अपना चूत और चूचियों दिखाएगी.. कल तक इंतेज़ार करना पड़ेगा.

तभी सीमा की एक सहेली आ गयी. सीमा सहेली के साथ अंदर गयी और तुरंत कपड़े बदल कर बाहर आई.

चमेली रानी की चुदाई

 

“माँ मै एक घंटे मे रंजू के घर से आती हूँ” कहकर सहेली के साथ चली गयी. चमेली मालिकानी का पैर दबा रही थी. अचानक चिंटू बोल उठा,

“तुम हट जाओ माँ, थक गयी होगी. मालिकानी जी को मै दबा देता हूँ.”

“मालिकानीजी, चिंटू बहुत अच्छा दबाता है, मै भी इससे दबवाती हूँ.” चमेली ने कहा.

“ठीक है, चमेली तुम कुछ पराठे बना दो. तुम्हारे मालिक आते ही खाने को माँगेंगे.” मालिकानी ने कहा.

फिर चमेली का हाथ पकड़ कर पूछा ” मालिक को अपना “ख़ज़ाना” दिखाया की नही ?” तुझे बहुत पसंद करता है.”

“छी…. मालिकानी जी, क्या बोलती है आप !”

चमेली वहां से उठ कर किचन मे भाग गयी. मालिकानी ने चिल्ला कर कहा ” एक मीठी डाल भी बना देना.”

मालिकानी ने चिंटू की तरफ देखा और कहा, “चलो बेटे पूरा बदन दबा दो, बहुत टूट रहा है.”

मालिकानी पीठ के बल लेट गयी. उसने एक भारी भरकम सारी पहन रखी थी और नीचे पेटिकोट. उपर ब्लाउज था. ब्लाउज चूचियों को ढकने मे असफल था.

चूचियों का उपरी हिस्सा ब्लाउज से बाहर निकला हुआ था. चिंटू मालिकानी से सटकर बैठा और दोनो हाथो से एक पैर को दबाने लगा.

कभी दबाता था तो कभी पिंडली की मांसपेशी को सहला देता था. चिंटू ने आहिस्ता आहिस्ता हाथ घुटने के उपर रखा और निचली जांघो को हल्के से मरोडकर कर दबाने लगा.

“कैसा लग रहा है मालिकानी जी?”

“अच्छा लग रहा है, दबाते रहो.” मालिकानी ने कहा.

चिंटू की हिम्मत बढ़ी और उसने घुटने से लेकर ऊपरी जांघो तक खूब दबा दबा कर मज़ा लिया.

इसी तरह उसने दूसरे पैर को भी पूरा ऊपरी जांघो तक दबाया. बुर से थोड़ा नीचे तक.

उसने अपनी बहन और सीमा की जांघो को सहलाया था लेकिन मालिकानी का जांघे खूब मोटी और गुदाज़ थी.

उसने देखा की मालिकानी को मज़ा आ रहा है और मालिकानी ने दोनो पैर को फैला दिया है और सारी पूरी तरह तन गयी है.

“मालिकानी जी आपकी सारी और अंदर का कपड़ा बहुत भारी है. आपको दबाने का पूरा मज़ा नही मिलता होगा.

पतली सारी होती तो दबाने मे आपको और आराम मिलता.”

इतना कहकर चिंटू दोनो पैरों को एक साथ दबाने लगा और दबाते दबाते बिलकूल बुर के पास दबाने लगा. मालिकानी मोटी थी. खूब मस्त बाहें थी और पेट भी थोड़ा उठा हुआ था.

उसकी उम्र 50 के करीब थी. दुध जैसा गोरा रंग और मख्खन जैसा बदन. चिंटू का मन किया मालिकानी के बुर के दर्शन करने को. उसे नंगा तो नही कर सकता था.

उसने एक उपाय सोचा. कभी कभी पिताजी के ऐसे ही पैर दबाता था तब उसे कई बार पिताजी का लंड दिखाई दिया था. उसने सोचा कोशिश करके देखते है.

सीमा भी घर मे नही थी और चमेली अंदर खाना बना रही थी.

“आप एक पैर मेरे कंधे पर रख दीजिए मै मसल मसल कर दबाउंगा तो आपकी पूरी थकान उतार जाएगी.”

चिंटू उठकर दोनो पैरों के बीच आया और बिना पूछे उसने कपड़े को खिसका कर मालिकानी के घुटनो के ऊपर कर दिया और एक टाँग उठाकर अपने कंधे पर रख ली.

“आप आंखे बंद कर लीजिए, अच्छा लगेगा…..”

चिंटू एक हाथ से पैर को सहारा देकर दूसरे हाथ से घुटने के उपर जांघो को मरोडकर मसलने लगा और तभी उसे मालिकानी की मोटी फूली हुई बुर दिखाई दी.

बुर पद छोटे छोटे झाँटे थे……शायद 8-10 दिन पहले झाँटे साफ किया हो. चिंटू का हाथ मालिकानी के जांघो से नीचे से बुर तक फिसल रहा था.

मालिकानी ने हौले से कहा, “खूब ज़ोर से मसलो….”

चिंटू ने अंदरकी जांघो को दबाते दबाते बुर को मुठ्ठी मे भरकर मसलने लगा.

“और आगे आ जाओ…”

चिंटू ने पैर को कंधे से उठाया और कपड़े को बिल्कुल उपर तक उठा दिया. मालिकानी की बुर साफ दिख रही थी. चिंटू दोनो हाथो से बुर को मसलने लगा.

“मालिकानीजी, आप अकेली कब रहती है मै आकर पूरा मज़ा दूँगा.”

“बेटा अभी 15-20 दिन कोई मौका नही मिलेगा… जहां दबाना है आज ही दबा दो.”

बुर को मसलते मसलते चिंटू मालिकानी के जांघो के बीच आ गया. एक हाथ से वो बुर को दबा रहा था और दूसरे हाथ से चूचियों को दबाने लगा.

“बुर बहुत मस्त और रसीली है, लगता है मालिकजी चुदाई नही करते है…?”

“6 महीने से उसने मुझे चोदा नही है, लेकिन तुम्हारी माँ को चोदना चाहता है. चमेली को बोलो की एक बार अपनी बुर मे मालिकजी का लंड घुसा ले.”

चिंटू को लगा की उसकी पैंट फट जाएगी और उसने पैंट का बटन खोलकर नीचे धकेल दिया.

चिंटू का लंड तना हुआ था उसने लंड को बुर के छेद पर रखा और ज़ोर से धक्का मारा.

पूरा लंड गुप से अंदर चला गया. मालिकानी ने चिंटू को जकड़ लिया और चिंटू चूचियों को दबाते दबाते चुदाई करने लगा.

उसे 50 साल की औरत को चोद कर एसा लग रहा था की मालिकानी की बेटी सीमा को चोद रहा हो. मालिकानी की बुर बहुत गर्म थी.

“आओ बेटा… ज़ोर ज़ोर धक्के मारो, बहुत मज़ा आ रहा है, जल्दी जल्दी …..कही तुम्हारी माँ ना आ जाए.”

“वो देखेगी तो किसिको नही बोलेगी. उसके सामने भी तुम्हे चोदुंगा.”

“मालिकानी तेरा बुर पहला बुर है जिसे मै चोद रहा हूँ लेकिन मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा है.”

“बेटा…. सीमा चली जाएगी तो रोज मुझे चोदना.”

“हा रानी रोज चोदुंगा लेकिन मै तुम्हारी बेटी को चोदना चाहता हूँ.”

“उसको भी चोदो, मेरी बहुओ (डॉटर इन लॉ) को भी चोदो… मै मना नही करूँगी, लेकिन मुझे हर दो तीन दिन मे आकर चोदना.”

“चोदुंगा रानी और गांड भी मारूँगा.”

चिंटू ने ज़ोर से धक्का मारते मारते कहा, “लंड नही चुसोगी ? ”

“चुसूंगी… लेकिन आज नही कभी अकेले मे.”

फिर दोनो जम कर चुदाई करने लगे और थोडी ही देर में मालिकानी पस्त हो गयी.

“लंड बाहर निकाल लो, अब दर्द कर रहा है. मै चमेली जैसी जवान नही हूँ की लंड खाती राहु.”

चिंटू धक्का मारता रहा और उसके लंड ने मालिकानी के बुर मे पानी छोड दिया.

ठंडा होने के बाद चिंटू मालिकानी के उपर से उतरा और दोनो ने अपने कपड़े ठीक किए. थोड़ी देर बाद चमेली बाहर निकली.

“मालिकानी जी सूप बना दिया है. अब हम लोग जाते है.”

चमेली ने कहा और फिर पूछा ” चिंटू तुमने ठीक से पाव दबाया ना.”

“अरे तेरा बेटा तो बहुत अच्छा दबाता है. फिर आना बेटा….”

मालिकानी उठी और 1000 रुपया चमेली को दिया. “रख लो” और जब तक शादी है आती रहना और चिंटू को भी लाना. और हा, एक बार मेरे मालिक को खुश कर दो”.

यह सुनकर चमेली के गाल लाल हो गये। वो केवल मुस्कुराई और घर चली गई। वापसी में चिंटू रिक्शे पर चमेली के बगल में बैठकर पूरे रास्ते बुर को सहलाता रहा और मालिक से चुदवाने के लिए मनाता रहा। दोनों घर आ गये। चिंटू मालिकानी को चोदकर बहुत खुश था और उसने निश्चय किया की कल ही वो अपनी माँ को चोदेगा।
रात में खाना खाने के बाद अपने कमरे में आया तो देखा की उसकी बहन बिल्कुल नंगी बैठी है और चूत को मसल रही है। चिंटू नेरानी को बांहों में जकड़कर चूमा और चूची को दबाया।रानी ने फटाफट अपने भाई को भी नंगा कर दिया और बेड पर सीधा लिटा दिया।रानी भाई की जांघों के बीच घुटनों पर बैठ गयी और झुककर भाई के लण्ड को मुँह में ले लिया। एक हाथ से लण्ड को जड़ से पकड़ी थी और दूसरे हाथ से बाल्स को भी दबा रही थी।
चिंटू को बहुत अच्छा लग रहा था। ये पहला मौका था की किसी ने उसके लण्ड को मुँह में लिया था। चिंटू बहन के बालों को सहला रहा था और आह्ह… आह्ह… करके मजा ले रहा था।

क्रमश ……

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