मेरा नाम रजनी है और मैं 19 साल की एक हॉट चुदास भरी लड़की हूँ। मेरा गोरा नाजुक बदनटाइट चूचियाँ गोल गांड और पतली कमर किसी भी मर्द के लंड में आग लगा देता है। मेरे रसीले होंठ गुलाबी निप्पल और टाइट कुँवारी चूत चुदाई का खुला न्योता देते हैं। मेरी मादक आँखें और मटकती चाल मर्दों को पागल कर देती है। मैं कॉलेज में नई-नई आई थी और मेरी चूत की भूख दिन-ब-दिन बढ़ रही थी। मेरा बॉयफ्रेंड सुजीत 22 साल का एक जवान गठीला लड़का था जिसका 8 इंच का मोटा काला लंड मेरी चूत में चुदास की सिहरन पैदा करता था। ये कहानी उस रात की है जब सुजीत ने मेरी पहली चुदाई की और मेरी चूत की सील तोड़कर मुझे चुदाई की दुनिया में ले गया।
हमारी मुलाकात कॉलेज में हुई थी। सुजीत की भूखी नजरें मेरे चूचों और गांड पर टिकती थीं और मैं जानबूझकर टाइट टॉप और शॉर्ट स्कर्ट पहनती ताकि मेरे चूचे और गांड उसे ललचाएँ। एक बार कॉलेज के बाद हम पार्क में मिले। मैंने एक टाइट लाल टॉप और मिनी स्कर्ट पहनी थी जो मेरी चूचियों और गांड को पूरी तरह उजागर कर रही थी। मेरी स्कर्ट इतनी छोटी थी कि मेरी नंगी जाँघें चमक रही थीं और मेरे सख्त निप्पल टॉप के ऊपर से साफ दिख रहे थे। सुजीत ने मेरी जाँघों को सहलाते हुए कहा “रजनी तेरी चूत तो मेरे लंड की भूखी लग रही है।” मैंने मादक मुस्कान दी और बोली “सुजीत मेरी चूत तेरे मोटे लंड के लिए तड़प रही है। आज मेरी सील तोड़ दे।” उसकी बात ने मेरे लंड को तना दिया और उसने मुझे अपने फ्लैट पर बुलाया।
उस रात मैं सुजीत के फ्लैट पर गई। उसने मुझे अपने कमरे में बुलाया जहाँ हल्की रोशनी और मादक म्यूजिक का माहौल था। मैंने एक पतली काली ड्रेस पहनी थी जिसमें मेरे सख्त निप्पल और टाइट चूत साफ दिख रहे थे। सुजीत ने मुझे अपनी बाहों में खींच लिया और मेरे रसीले होंठों पर एक गहरा अश्लील चुंबन छोड़ दिया। उसकी जीभ मेरे मुँह में थी और उसका मोटा लंड मेरी जाँघों से टकरा रहा था। “रजनी आज तेरी चूत की सील तोड़कर तुझे अपनी रंडी बना दूँगा ” उसने गुर्राते हुए कहा। मैंने चुदास में सिसकारी के साथ कहा “सुजीत मेरी चूत को चोद… मेरी सील तोड़ दे।” उसकी बात ने मेरी चुदास को और भड़का दिया।
सुजीत ने मेरी ड्रेस उतार दी और मेरी टाइट नंगी चूचियाँ उसके सामने उछल पड़ीं। मेरे निप्पल सख्त और गुलाबी थे और मेरी चिकनी कुँवारी चूत और गोल गांड उसके सामने नंगी थी। मेरी चूत का रस मेरी जाँघों पर टपक रहा था। उसने मेरे चूचों को दोनों हाथों से पकड़ा और जोर-जोर से दबाने लगा। उसकी उंगलियाँ मेरे निप्पलों को मसल रही थीं और मेरी सिसकारियाँ कमरे में गूँज रही थीं। “रजनी तेरे चूचे तो मेरे लंड को बेकरार कर रहे हैं ” उसने मादक आवाज में कहा। मैंने चुदास में चीखते हुए कहा “सुजीत मेरी चूचियों को चूस… मेरी चूत को चोद।” उसने मेरे एक चूचे को मुँह में लिया और जोर-जोर से चूसने लगा जैसे कोई भूखा शेर अपनी शिकार को चबा रहा हो।
उसकी जीभ मेरे निप्पल को चाट रही थी और मेरी चीखें निकल रही थीं। उसने मेरे दूसरे चूचे को अपनी उंगलियों से मसला और मेरे गुलाबी निप्पल को खींचकर मेरी सिसकारियाँ और तेज कर दीं। मैंने उसकी जींस उतार दी और उसका 8 इंच का मोटा काला लंड मेरे सामने तन गया। उसकी नसें फूली हुई थीं और मेरी चूत ने उसे देखकर और रस छोड़ा। मैंने उसके लंड को अपने रसीले होंठों में लिया और गहराई तक चूसने लगी। उसकी सिसकारियाँ निकल रही थीं और उसने मेरे बाल पकड़कर मेरा मुँह अपने लंड पर और जोर से दबाया। मैं उसके लंड को चाट रही थी और उसकी चुदास मेरे मुँह में साफ महसूस हो रही थी।
सुजीत ने मुझे बिस्तर पर लिटाया और मेरी जाँघें चौड़ी कीं। उसने अपनी जीभ से मेरी चूत को चाटना शुरू किया और उसकी जीभ मेरी चूत के दाने को चूस रही थी। मैं अपनी गांड को हिलाकर उसका मुँह अपनी चूत में और गहरा दबा रही थी। मेरी चूचियाँ हवा में उछल रही थीं और मेरी सिसकारियाँ कमरे में गूँज रही थीं। “सुजीत… मेरी चूत को चोद… मेरी सील तोड़ दे ” मैंने चुदास में चीखते हुए कहा। उसने अपना मोटा काला लंड मेरी टाइट कुँवारी चूत के मुहाने पर रखा और धीरे-धीरे धक्का मारा। मेरी चूत इतनी टाइट थी कि उसका लंड अंदर नहीं जा रहा था। उसने मेरी जाँघें और चौड़ी कीं और जोर का धक्का मारा। मैं दर्द से चीख पड़ी और मेरी चूत की सील टूट गई।
खून की कुछ बूँदें बिस्तर पर टपकीं लेकिन दर्द जल्दी ही मादक सुख में बदल गया। सुजीत जोर-जोर से धक्के मारने लगा और मेरे चूचे हर धक्के के साथ उछल रहे थे। मैं अपनी गांड को हिलाकर उसका लंड और गहरा ले रही थी और मेरी सिसकारियाँ पूरे कमरे में गूँज रही थीं। उसने मेरे चूचियों को मसला मेरे निप्पलों को चूसा और मेरी चूत को अपने लंड से रगड़ने लगा। मेरी चूत से रस टपक रहा था और उसका लंड मेरी चूत की गहराई तक जा रहा था। “रजनी तेरी टाइट चूत तो मेरे लंड की दीवानी है ” उसने गुर्राते हुए कहा। “हाँ सुजीत… मेरी चूत को और जोर से चोद… इसे सुजा दे ” मैंने चुदास में चीखते हुए कहा।
सुजीत ने मुझे घोड़ी बनाया और मेरी गोल गांड को थप्पड़ मारते हुए अपना लंड मेरी चूत में फिर से डाल दिया। उसका लंड मेरी चूत को चीर रहा था और मैं चुदास में चीख रही थी। उसने मेरी गांड के छेद को अपनी उंगली से सहलाया और फिर धीरे-धीरे अपना मोटा लंड मेरी गांड में डाल दिया। मैं दर्द और सुख में चीख पड़ी लेकिन मेरी गांड ने उसके लंड को गले लगा लिया। वह मेरी गांड को जमकर चोद रहा था और मेरे चूचे हवा में उछल रहे थे। “सुजीत… मेरी गांड को चोद… मेरी चूत को फाड़ दे ” मैंने चुदास में चीखते हुए कहा। उसने मेरे चूचियों को मसला मेरी गांड को थप्पड़ मारे और मेरी चूत और गांड को बारी-बारी चोदा।
मेरी चूत बार-बार झड़ रही थी और मेरा रस उसकी जाँघों पर टपक रहा था। चुदाई का दौर घंटों चला। सुजीत ने मुझे अलग-अलग पोजीशन में चोदा। एक बार उसने मुझे अपनी गोद में बिठाया और मेरी चूत में अपना लंड डालकर जोर-जोर से उछाला। मेरे चूचे उसके चेहरे पर उछल रहे थे और वह मेरे निप्पलों को चूस रहा था। फिर उसने मुझे दीवार के सहारे खड़ा किया और मेरी चूत में अपना लंड डालकर जोर-जोर से धक्के मारे। मेरी चीखें और सिसकारियाँ कमरे में गूँज रही थीं। “रजनी तेरी चूत ने मेरे लंड को पागल कर दिया ” उसने कहा। मैंने सिसकारी के साथ जवाब दिया “सुजीत तेरे लंड ने मेरी चूत को जन्नत दे दी।”
“रजनी मैं तेरी चूत में झड़ने वाला हूँ ” सुजीत ने गुर्राते हुए कहा। “हाँ सुजीत… मेरी चूत को अपने वीर्य से भर दे ” मैंने चुदास में चीखते हुए कहा। उसने अपने धक्के और तेज किए और फिर अपने गर्म गाढ़े वीर्य की पिचकारी मेरी चूत में मारी। मैं सुख से चीख पड़ी और मेरी चूत उसके वीर्य से लबालब भर गई। उसने मेरे चूचियों रसीले होंठों और पूरे बदन पर अपना वीर्य छोड़ा और मैंने उसे अपनी जीभ से चाट लिया। मेरा बदन उसके वीर्य से गीला और चिपचिपा हो गया था। हम दोनों हाँफ रहे थे और मेरी चूत और गांड चुदाई से सुज गई थी। मेरी पहली चुदाई का दर्द और सुख मेरे लिए एक मादक अनुभव था।
उस रात के बाद सुजीत मेरी चुदास का नियमित साथी बन गया। हर बार जब मेरी चूत की भूख बढ़ती मैं उसे अपने हॉस्टल या उसके फ्लैट पर बुलाती। एक बार हमने कॉलेज के स्टोर रूम में चुदाई की। मैंने एक टाइट स्कर्ट पहनी थी और उसने मुझे स्टोर रूम की दीवार के सहारे खड़ा करके मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया। मेरी चीखें स्टोर रूम में गूँज रही थीं और मेरी चूत उसके वीर्य से भर गई। दूसरी बार हमने उसके फ्लैट के बाथरूम में चुदाई की। उसने मुझे शावर के नीचे खड़ा किया और मेरे चूचों को चूसते हुए मेरी चूत में अपना लंड डालकर जोर-जोर से चोदा। पानी मेरे चूचों पर टपक रहा था और मेरी सिसकारियाँ बाथरूम में गूँज रही थीं।
कभी-कभी हम रात में उसके फ्लैट के बेडरूम में चुदाई करते। एक रात उसने मेरी चूत को अपनी जीभ से चाटा और मैंने उसके लंड को चूसकर उसे और उत्तेजित किया। फिर उसने मेरी चूत और गांड को बारी-बारी चोदा और मेरी चूत उसके वीर्य से चमक रही थी। “सुजीत तेरा लंड मेरी चूत की जान है ” मैंने फुसफुसाया। उसने मेरी चूचियों को सहलाया और बोला “रजनी तेरी चूत मेरे लंड की रानी है।” हमारी चुदाई का कोई हिसाब नहीं था। कॉलेज में हम सामान्य कपल की तरह व्यवहार करते लेकिन अकेले में मेरी चुदास बेकाबू हो जाती।
एक बार जब हम एक रात कॉलेज फेस्ट के बाद मिले सुजीत ने मुझे अपने दोस्त के फ्लैट पर ले जाया। वहाँ उसने मेरी चूत को इतनी जोर से चोदा कि मेरी चीखें फ्लैट की दीवारों से टकरा रही थीं। उसने मेरी चूचियों को दबाया मेरी गांड को थप्पड़ मारे और मेरी चूत को अपने वीर्य से चमका दिया। “रजनी तेरी चूत मेरे लंड की गुलाम है ” उसने कहा। मैंने सिसकारी के साथ जवाब दिया “सुजीत तेरा लंड मेरी चूत का राजा है।” मेरी पहली चुदाई ने मुझे चुदाई की दुनिया का दीवाना बना दिया।
मेरी चूत की सील टूटने की वो रात मेरी जिंदगी का सबसे मादक अनुभव थी। सुजीत का मोटा काला लंड मेरी चूत की हर भूख मिटा देता था। हर रात जब वह मेरी चूत और गांड को चोदता मेरी सिसकारियाँ कमरे में गूँजती थीं। मैंने सोचा कि मेरी पहली चुदाई ने मेरी चुदास को एक नया रंग दे दिया। मेरी चूत अब सुजीत के लंड की गुलाम बन चुकी थी और हमारी चुदाई की आग कभी ठंडी नहीं हुई।
कहानी आपको कैसे लगी,अपनी राय कमेंट्स Desikahani2.top पर जरुर दे।
दोस्तो, मेरा नाम रोनीता है. मेरी हाइट 5 फिट 4 इंच है और रंग मीडियम…
मेरा नाम रजनी है और मैं 28 साल की शादी शुदा औरत हूं. मेरी हाईट…
दोस्तो, आज मैं आप को एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूं. यह मेरी जिन्दगी…
उनके पास आते ही उन्होंने लपक कर मेरा तौलिया छीन के फर्श पर अपनी बनियान-चड्डी…
मैं बेमन से उनके साथ रवाना हुई ! हम एक सिटी बस में बैठे, हम…
मेरे मुँह से अटकते अटकते निकला- धी ......रे......आ....ह......दू...खे....! और उन्होंने लाड से मेरे गाल थपथपा…